इस्लाम में जुआ और खेल सट्टेबाजी को हराम माना जाता है क्योंकि इसमें जोखिम और हानि का तत्व शामिल होता है। कुरान में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जुआ शैतान के कामों में से एक है और इसे टालने की सलाह दी गई है। खेलों पर दांव लगाना केवल वित्तीय हानि का कारण नहीं बनता, बल्कि यह सामाजिक संबंधों को भी नुकसान पहुंचाता है। इस्लाम सिखाता है कि धन का आदान-प्रदान वैध तरीकों से होना चाहिए। इस एपिसोड में, हम जुए की हानियों, इसके इस्लामी दृष्टिकोण और वैध धन के तरीकों पर चर्चा करेंगे। Support the show